पतंजलि मधुनाशिनी वटी के लाभकारी फायदे (Patanjali Madhunashini)

हमारे देश में डायबिटीज की समस्या बहुत बढ़ गयी है इसका कोई अक्सीर इलाज तो नहीं है। पर पतंजलि मधुनाशिनी (Patanjali Madhunashini) का सेवन करने से डायबिटीज कंट्रोल में रहता है। यह दवाई आयुर्वेदिक होने से स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।

पतंजलि मधुनाशिनी वटी के लाभकारी फायदे (Patanjali Madhunashini)

दवाई के नाम से ही यह मधुमेह नाशक (निवारक) होने का पता चलता है। इस दवाई को मधुनाशिनी वटी वनस्पति से तैयार किया जाता है। जिसे गुड़मार (Gudmar) के नाम से भारत के कही हिस्सों में जाना जाता है। मधुमेह नियंत्रण के साथ यह दवाई और भी स्वास्थ्यकिय फायदे देती है।

पतंजलि मधुनाशिनी क्या है Patanjali Madhunashini

गुड़मार जैसी गुणकारी औषधि से तैयार हुई दवाई को पतंजलि मधुनाशिनी कहते है। इसे बनाने के लिए अश्वगंधा, मेंथी, बेल, चिरायता, हल्दी, निम्ब, करेला, काली जीरी, बबूल फली और जामुन सहित सामग्री का इस्तेमाल होता है।

दवाई का मूल स्त्रोत गुड़मार है जिसका वनस्पति नाम जिमनेमा सिल्वेस्ट्रे (Gymnema Sylvestre) है। यह वनस्पति मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत की मुख्य पैदायश है। इसके पत्तो का सेवन करने से लगभग 1 घंटे तक हमे मीठी चीज़ का स्वाद नहीं आता।

अमेज़न पर पतंजलि मधुनाशिनी की कीमत ₹180 है, यह Patanjali Madhunashini Price सबसे सस्ता है। 180 रुपये में 120 टेबलेट गोली का पूरा पैक मिलता है। अधिकतर ग्राहकों ने इस दवाई के प्रति अपने पॉजिटिव रिव्यु दिए है।

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हर्बल पतंजलि मधुनाशिनी के घटक Ingredients Of Patanjali Madhunashini

आयुर्वेद उत्पाद पतंजलि मधुनाशिनी वटी बनाने में निम्नलिखित मुख्य चीज़ो का उपयोग होता है।

  1. गुड़मार : मधुनाशिनी दवाई बनाने के लिए ज़्यादातर गुड़मार की पत्तियों को इस्तेमाल होता है। इन पत्तियों में ब्लड शुगर को कंट्रोल करने की ताकत होती है। जिससे यह दवाई संपूर्ण रूप से डायबिटीज इलाज के लिए अच्छी है।
  2. मेंथी : ताज़ी और सुखी दोनों तरह की मेंथी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। दवाई को ज़्यादा गुणवत्ता युक्त बनाने में मेंथी गुणकारी है। यह लिवर की कार्क्षमता को बेहतर बनाने का काम करती है। साथ ही लिवर में होने वाले नुकसान को भी रोकती है।
  3. जामुन : जामुन फल अपने बेहतरीन स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है। डायबिटीज पीड़ितों के लिए जामुन का बी और पाउडर लाभदायक होते है। जामुन खून में ग्लूकोज़ का स्तर नियंत्रित करने का कार्य करता है।
  4. चिरायता : चिरायता अक्सर ऊंची जगहों पर पाए जाने वाला एक तरह का पौधा है। चिरायता से बना काढ़ा अनेक स्वास्थ्यकिय लाभ प्रदान करता है। दवा में इस्तेमाल होता चिरायता बुखार को कम करने में मददगार है।
  5. बेल : एक प्रकार के फल उगने वाले पेड़ को बेल कहा जाता है।। जो स्वादिष्ट फल देने के साथ तंदुरस्ती को अच्छा रखने में सहायक है। पेट सम्बंधित ज़्यादातर समस्याओ का समाधान करने में बेल वृक्ष के हिस्सों को उपयोग में लिया जाता है।
  6. अश्वगंधा : भारत के कही हिस्सों में पाए जाने वाले गुणकारी पौधे को अश्वगंधा कहते है। कही रोगो का उपचार करने में यह फायदेमंद होता है। कुछ डायबिटीज मरीजों को घांव जल्दी न भरने की समस्या होती है। इस समस्या को हल करने में अश्वगंधा मददगार बनता है।

पतंजलि मधुनाशिनी के फायदे Patanjali Madhunashini Benefits In Hindi

दिव्य पतंजलि मधुनाशिनी वटी दवाई मुख्य रूप से डायबिटीज मरीजों के लिए है। पर इस आयुर्वेदिक दवाई को बनाते वक्त कही सामग्रियां डाली जाती है। जिस कारण ये दवाई न केवल मधुमेह, बल्कि अन्य कही स्वास्थ्य समस्याए दूर करने में भी सक्षम है।

(1) रक्त शर्करा प्रमाण नियंत्रण

खास कर मधुनाशिनी दवाई को डायबिटीज पीड़ित व्यक्तियों के लिए बनाया गया है। दवाई में ज़्यादातर गुड़मार वनस्पति के पत्ते का इस्तेमाल होता है। कहा जाता है इन पत्तो को चबाने से 1 घंटे तक शरीर में कोई भी मीठी चीज़ का प्रभाव नहीं पड़ता।

ऐसा शक्तिशाली पौधा शुगर की बीमारी में काफी सहायक है। नियमित रूप से इस दवाई को लेने पर रक्त में मौजूद शर्करा प्रमाण नियंत्रित रहता है। साथ ही उच्च डायबिटीज के लक्षणों को भी ख़तम करती है।

(2) कमजोरी होती है दूर

कभी कभार मधुमेह का स्तर बढ़ जाने पर कही स्वास्थ्य लक्षी समस्याए होती है। उन समस्याओ में से एक है बार-बार थक जाना, या कमजोरी महसूस होना। इस परेशानी का हल करने के लिए आप पतंजलि मधुनाशिनी सही है।

दवाई में डाली जाती मुख्य सामग्री शरीर के लिए लाभकारी है। इसका सेवन करने से शारीरिक कमजोरी में राहत मिलती है। मधुमेह के कारण होने वाली थकान इससे थोड़े समय में बंद हो जाती है।

(3) मस्तिष्क विकार में राहत

आज-कल डायबिटीज की तरह मानसिक स्वास्थ्य सम्बंधित बीमारिया भी बढ़ रही है। इनका इलाज करने के लिए लोग कही तरह के उपाय आजमाते है। अगर आप Patanjali Madhunashini को लेते है तो जल्द ही मस्तिष्क विकार से राहत मिलेगी।

मस्तिष्क सम्बंधित विकार जैसे की, अत्याधिक सिरदर्द और याददास्त में होने वाली कमजोरी दूर होती है। जिस कारण आपका मानसिक स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहता है। इसमें डाले जाने वाले तत्व भी दिमाग के लिए गुणकारी होते है।

(4) चिड़चिड़ापन से छुटकारा

अत्याधिक गुस्सा या चिड़चिड़ापन इंसान को मानसिक रूप से कमजोर बनाता है। जो लोग किसी चिंता या कोई बीमारी से जूझ रहे है। उनमे गुस्सा और चिड़चिड़ापन का प्रमाण ज़्यादा देखा गया है।

इससे छुटकारा पाने के लिए दिव्य मधुनाशिनी का सहारा ले सकते है। रोजाना इस दवाई का सेवन पर मस्तिष्क स्वास्थ्य को ताकत प्रदान होती है। जिससे चिड़चिड़ापन जैसी मानसिक समस्या को आसानी से दूर किया जा सकता है।

(5) आंखों में धुंधलापन कम होता है

आंखो का स्वास्थ्य बिगड़ने से सब धीरे-धीरे धुंधला दिखाई देने लगता है। जिस कारण ज़्यादा वक्त होते आंख लक्षी समस्याओ का सामना करना पड़ता है। इसका समाधान करने में पतंजलि मधुनाशिनी वटी बहुत गुणकारी साबित हुई है।

आंखो के स्वास्थ्य को रोग मुक्त और अच्छा रखने के लिए ये दवाई लेना फायदों से भरा है। साथ ही यह आंखो की दृष्टि गुणवत्ता और कार्यक्षमता में भी सुधार लाती है। डायबिटीज के लक्षणों में आंखो में धुंधलापन शामिल है जिसे यह दूर करती है।

(6) अत्याधिक प्यास नहीं लगती

बार बार बहुत ज़्यादा प्यास लगना कोई गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए यह छोटी समस्या को ज़्यादा नज़र अंदाज मत करे। डायबिटीज पीड़ितों में ये समस्या अधिक देखने को मिलती है। इसके उपचार में आयुर्वेदिक दवाई मधुनाशिनी काम आती है।

किसी भी चीज़ की अधिक मात्रा शरीर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में ये अनेक गुणों से युक्त दवाई लेना बहुत अच्छा है। दवाई अत्याधिक प्यास को कम करने के साथ सेहत को तंदुरस्त रखने का कार्य करती है।

(7) तनाव की स्थिति में सहायक

मानव शरीर में रासायनिक या भावनात्मक हो रहे फेरफार को तनाव कहते है। अत्याधिक तनाव की स्थिति को हम डिप्रेशन के नाम से जानते है। डायबिटीज होने का एक मुख्य कारण है बहुत ज़्यादा चिंता करना या तनाव में रहना।

पर Patanjali Madhunashini तनाव को कम करने में सहायक भूमिका निभाती है। ज़्यादा स्ट्रेस में रहने से मन की भावनाओ में गहरी गहरी दरार पैदा है। इन सबको दूर करने में आयुर्वेद की ये प्रोडक्ट हमे काफी मदद करती है।

(8) संक्रमण से बचा जा सकता है

बाहरी दूषित तत्व जो शरीर को नुकसान पहुंचाते है उसे संक्रमण कहा जाता है। आज-कल अनेक संक्रमण कारक बीमारिया फैल रही है। मधुमेह के मरीज ऐसे संक्रमण में आसानी से आ जाते है। इन संक्रमणों से बचने के लिए आप हर्बल मधुनाशिनी को उपयोग में ले सकते है।

गुणकारी दवाई और उससे बनाते वक्त डाली जाती सामग्री स्वास्थ्य के लिए लाभकारक है। जिससे यह दवाई रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ावा करती है। रोजाना ये दवाई खाने से हम कही रोगो का सामना कर सकते है।

मधुनाशिनी वटी लेने का तरीका Patanjali Madhunashini Dosage

सही तरीके से और सही मात्रा में पतंजलि मधुनाशिनी का उपयोग करने से काफी फायदे मिलते है। इसलिए हमने निचे इस दवाई को कैसे लेना है उसकी पूरी जानकारी दी है।

  • पतंजलि दिव्य मधुनाशिनी वटी की सुबह-शाम 2 गोलिया ली जा सकती है।
  • सुबह नाश्ते के बाद भोजन के 1 घंटे पहले पानी के साथ इस गोली का सेवन करे।
  • रात में खाने के बाद सोने के 1 घंटे पहले गुनगुने पानी या दूध के साथ गोली को ले।
  • अगर आप शुगर कंट्रोल की पहले से ही कोई दवाई या इंजेक्शन लेते है। तो डॉक्टर की सलाह अनुसार इस गोली का सेवन करना चाहिए।
  • रक्त में शर्करा की मात्रा अधिक हो तो दवाई ज़्यादा प्रमाण में ली जा सकती है।
  • यदि शुगर लेवल नॉर्मल रहता है तो हर्बल मधुनाशिनी दवाई को कम खाए।

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आशा करती हु पतंजलि मधुनाशिनी के फायदे (Patanjali Madhunashini) की अच्छी जानकारी दे पायी हु। पोस्ट पसंद आए तो मित्रो के साथ शेयर करना ना भूले।

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